सतना में छह शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर 29 लाख रुपये के बिल लगाने वाले संविदाकार पर सिटी कोतवाली में धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज हुआ है।
दिनेश मकवाना आत्महत्या मामले में बड़ा एक्शन। वायरल वीडियो में रिश्वत के आरोप के बाद देवास की आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित निलंबित। CM मोहन यादव ने जताई नाराजगी।
रीवा वन विभाग में ठेकेदार से 10% कमीशन मांगने और पूरी रकम न देने पर बिना नोटिस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का मामला सामने आया है। ठेकेदार के अनुसार विभाग ने बैक डेट में आदेश जारी कर अमानत राशि भी राजसात कर दी, जबकि सप्लाई जारी थी और भुगतान भी हो रहा था। RTI और शिकायतों के बाद ही नोटिस भेजा गया, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रीवा जिले के लालगांव चौकी क्षेत्र के पनियारी घाट में देर रात चार नकाबपोश बदमाशों ने कट्टे की नोक पर विद्युत विभाग के ठेकेदार से नकदी, मोबाइल और बाइक लूट ली। मारपीट में ठेकेदार घायल हो गया। स्थानीय लोग मार्ग को अपराधियों का अड्डा बताते हुए पुलिस की गश्त पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
ग्राम पंचायत खामिनखेड़ा में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डालने के लिए पीएचई ठेकेदार ने 6 माह पहले सीसी सड़कें तोड़ी थीं। मरम्मत न होने से 730 मीटर सड़क और नालियां दलदल में बदल गई हैं। ग्रामीण दल-दल और कीचड़ से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे छात्र, बुजुर्ग और वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। पंचायत ने सीईओ को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
सतना वार्ड क्र. 1 में 38.95 लाख की घटिया पेवर्स रोड पकड़ी गई। मेयर योगेश ताम्रकार ने ठेकेदार को फटकार कर सड़क पुनर्निर्माण के निर्देश दिए।
बरगी नहर परियोजना से सतना-रीवा को नर्मदा जल देने का दावा अब संदेह में है। टनल निर्माण अधूरा, नहरें क्षतिग्रस्त, ठेकेदार की मनमानी और आउट ऑफ कमांड एरिया में पानी देने से किसानों के हिस्से का आवंटित पानी अधर में लटका।
सतना नगर निगम की एमआईसी बैठक में ठेकेदारों के पक्ष में खड़े रहने वाले अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। एमआईसी सदस्य अंशू ने इंजीनियरों की निष्क्रियता और पार्षदों की अनदेखी को लेकर नाराजगी जताई। खराब सड़कों, मलबे की सफाई, तालाब सौंदर्यीकरण से लेकर पेयजल आपूर्ति तक कई मुद्दों पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय।
सतना की राजनीति, बाबूराज, ठेकेदारी में इंजीनियरों की घुसपैठ और नेताओं की बेचैनी को लेकर सटीक कटाक्ष करती पॉवर गैलरी। संगठन में बदलाव की आहट ने नेता और अधिकारी दोनों को उलझन में डाल दिया है। पढ़िए पत्रकार धीरेन्द्र सिंह राठौर का विशेष ब्लॉग।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में 20 वर्षों से एक ही ठेकेदार द्वारा संचालित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की असलियत सामने आई है। करोड़ों की मशीनें होते हुए भी मरीजों को बिना शुद्धिकरण के खारा पानी पिलाया जा रहा है। गंदगी से घिरे प्लांट, टंकियों में जमी सफेद परत और प्रशासन की अनदेखी ने मरीजों की सेहत को गंभीर खतरे में डाल दिया है। अब जांच और कार्रवाई की बात हो रही है।






















