प्रशानिक, राजनीतिक अंदर खबर की खबर उजागर करने वाला कॉलम

संघ के अनुषांगिक संगठन में चाइना-चाइना

स्वदेशी की बात करने वाले और स्वदेशी के लिए संघर्ष करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक अनुषांगिक संगठन के पदाधिकारी का चाइना दौरा छाया हुआ है। जबसे वे दौरा करके आए हैं तब से जब-जब चाइना ही चल रहा है, हालांकि उन्हें चाइना के ही बुलावे पर संघ ने भेजा था, लेकिन उम्मीद ऐसी नहीं थी कि लौटकर आने के बाद चाइना मॉडल पर ही चर्चा करते रहेंगे। स्वदेशी संघवासी का चाइना गुणगान के चटकारे अब लिए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने टैलेंट तलाश लिया

लगता है कांग्रेस ने आखिरकार समझ लिया है कि आज की राजनीति में भाषण नहीं, डिबेट स्किल ही असली हथियार है। भाजपा के वाक-चातुर्य से रोज-रोज पिटने के बाद अब पार्टी ने भी 'टैलेंट हंट' का बटन दबा दिया है। कहते हैं, इस गुप्त चयन प्रक्रिया की सूची तो अभी तक बाहर नहीं आई, लेकिन विंध्य का एक युवा अचानक से टीवी चैनलों पर ऐसे चमक रहा है जैसे कोई रियलिटी शो का विनर हो। उच्च शिक्षित परिवार, खुद यूपीएससी की तैयारी और अब सीधे प्राइम टाइम में एंट्री! मीडिया भी थोड़ा हैरान, थोड़ा प्रभावित और बाकी पैनलिस्ट सोच में कि ये नया प्लेयर आया कहां से? कांग्रेस के गलियारों में चर्चा है कि अगर ऐसे ही ज्ञानी और धाराप्रवाह युवाओं की भर्ती ईमानदारी से हुई, तो पार्टी की डिबेट टीम सच में अपग्रेड हो सकती है।
इनाम में बड़े जिले की कलेक्ट्री मिली

महाकौशल के एक जिले के कलेक्टर को इनाम के रूप में मध्य भारत में कलेक्ट्री मिल गई। हालांकि इन महोदय के कारण जिला मुख्यालय में बड़ा बवाल मचा था और राजस्व के अधिकारियों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा था। एक राजस्व से जुड़े कर्मचारी की तो मानसिक संतुलन ही गड़बड़ा गया था। ऐसा लगा था कि उनको मंत्रालय में ही भेजा जाएगा, लेकिन उनको बड़े जिले की कलेक्ट्री से नवाज दिया गया।

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मध्यप्रदेश में मंत्री, पूर्व मंत्री से लेकर विधायक-सांसद और अन्य पार्टी पदाधिकारियों द्वारा अनुशासन, भाषा की गरिमा तोड़ने के लगातार सामने आ रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं के बिगड़े बोल और अधिकारियों को खुलेआम दी जा रही धमकियों ने पार्टी-संगठन की जमकर किरकिरी करा रहे हैं। शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा के एसडीओपी (प्रशिक्षु आईपीएस) आयुष जाखड़ को खुलेआम धमकी दी।
मध्य प्रदेश की राजनीति में कुछ चेहरे अपनी विरासत से पहचाने जाते हैं, तो कुछ अपनी कार्यशैली से। लेकिन जब बात अजय सिंह 'राहुल' की आती है, तो ये दोनों खूबियां एक जादुई संतुलन में नजर आती हैं। विशेष बातचीत...
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति अब केवल जुमला बनकर रह गई है। विधानसभा के पटल पर रखे गए ताजा आंकड़े प्रदेश की प्रशासनिक ईमानदारी का वह काला चेहरा उजागर करते हैं, जो न केवल चुभने वाला है, बल्कि डरावना भी है। पढ़िए ‘स्टार समाचार’ की विशेष रिपोर्ट...।
कभी बागी और बंदूकों के लिए कुख्यात चंबल का बीहड़ आज एक नए और अधिक खूंखार 'रेत माफिया' की गिरफ्त में है। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य की कोख उजाड़कर फल-फूल रहा यह अवैध धंधा अब महज चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित खूनी खेल बन चुका है।
साक्षात्कार ... राजनीति अक्सर उन रास्तों से होकर गुजरती है जिसकी कल्पना व्यक्ति ने स्वयं नहीं की होती। कुछ ऐसा ही सफर पृथ्वीपुर विधायक नितेंद्र सिंह राठौर का रहा।
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बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव से लेकर दिल्ली और फिर मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत मध्यप्रदेश विधानसभा में 10 वर्ष तक प्रमुख सचिव रहे अवधेश प्रताप सिंह की जीवन यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है।
मध्यप्रदेश में 2023 में 230 निर्वाचित विधायकों में से 90 के खिलाफ आपराधिक केस चल रहे हैं। इसमें 34 विधायक गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं, जो 230 सदस्यीय सदन का लगभग 39 प्रतिशत है
मध्यप्रदेश में जाति प्रमाण-पत्र का विवाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में गरमाया हुआ है, जिसमें कई वर्तमान-पूर्व सांसद, विधायक और आईएएस-आईपीएस अफसर कानूनी शिकंजे में फंसे नजर आ रहे हैं।