मध्यप्रदेश में मंत्री, पूर्व मंत्री से लेकर विधायक-सांसद और अन्य पार्टी पदाधिकारियों द्वारा अनुशासन, भाषा की गरिमा तोड़ने के लगातार सामने आ रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं के बिगड़े बोल और अधिकारियों को खुलेआम दी जा रही धमकियों ने पार्टी-संगठन की जमकर किरकिरी करा रहे हैं। शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा के एसडीओपी (प्रशिक्षु आईपीएस) आयुष जाखड़ को खुलेआम धमकी दी।

कई नेताओं ने स्वार्थ के काम से पार्टी को किया असहज
भाजपा की अनुशासित छवि पर अपनों ने ही उठाए सवाल
कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं के बिगड़े बोल ने उजागर की कलह
एमपी: दोनों दलों की ‘अनुशासन’ वाली छवि हो रही दागदार
अरविंद मिश्र
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में मंत्री, पूर्व मंत्री से लेकर विधायक-सांसद और अन्य पार्टी पदाधिकारियों द्वारा अनुशासन, भाषा की गरिमा तोड़ने के लगातार सामने आ रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं के बिगड़े बोल और अधिकारियों को खुलेआम दी जा रही धमकियों ने पार्टी-संगठन की जमकर किरकिरी करा रहे हैं। इसमें भाजपा ही नहीं, विवादित बयान देने में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के दिग्गज भी पीछे नहीं हैं। यहां सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राजनीतिक दलों के मुखिया कार्रवाई का दावा तो करते हैं, लेकिन आज तक विवादित बयान और धमकियों पर किसी को पार्टी से बाहर का रास्ता नहीं दिखाया गया। पेश है स्टार समाचार की खास रिपोर्ट...।
प्रीतम को धमकी पर हिदायत
शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा के एसडीओपी (प्रशिक्षु आईपीएस) आयुष जाखड़ को खुलेआम धमकी दी। इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने लोधी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब तलब किया। जहां प्रीतम लोधी सीएम आवास में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल के सामने पेश हुए। लोधी ने नोटिस के जवाब में कहा कि मेरी शब्दावली गलत थी, मैं खेद जताता हूं। आगे पार्टी की गाइडलाइन पर चलूंगा। इसके बाद पार्टी ने हिदायत देकर छोड़ दिया।
विधानसभा मेें अमर्यादित भाषा
विधानसभा के बजट सत्र में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था। मई, 2025 में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। अप्रैल-2026 के शुरू में हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक के खिलाफ आपराधिक अवमानना का केस दर्ज करने का आदेश दिया। उन पर जज से संपर्क करने की कोशिश का आरोप है।
विधायक ने भेज दिया इस्तीफा
सागर जिले की देवरी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक बृजबिहारी पटैरिया ने एक मामले में पुलिस द्वारा डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने से नाराज होकर केसली थाने के भीतर ही अपना इस्तीफा लिख दिया और उसे विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया।
भिंड विधायक ने कलेक्टर को तान मुक्का
भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने अगस्त 2025 में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव पर मुक्का (घूंसा) ताना था और उन्हें चोर कहा था। वहीं मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल एक वीडियो में एडिशनल एसपी अनुराग पांडेय के सामने दंडवत होते नजर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी अपराधियों के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं।
विवाह सम्मेलन में मंत्री की अनोखी सलाह
नरसिंहपुर जिले के करेली में सामूहिक विवाह सम्मेलन में पहुंचे मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने नवविवाहित जोड़ों को अलग अंदाज में सलाह दे डाली। मंच से उन्होंने कहा यहां 200 शादियां हुई हैं, ऐसे में पहचान का संकट हो सकता है। विदाई के समय अपने-अपने जोड़े के साथ ही जाएं। ऐसा न हो कि गलती से अगल-बगल वाले के साथ ही निकल पड़ें। मंत्री ने यह बात भले ही मजाकिया लहजे में कही, लेकिन अब उनके इस बयान पर सियासत भी गर्मा गई। विपक्ष ने आपत्तिजनक बताया। साथ ही इसे नवविवाहित जोड़ों का अपमान भी करार दिया।
टीआई-महापौर में तू-तू मैं-मैं
मुरैना में महापौर शारदा सोलंकी और महिला टीआई राजकुमारी परमार में हुई बहस का मामला चर्चा में है। दरअसल, मुख्यमंत्री कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के घर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। इसी दौरान महापौर भी वहां पहुंचीं। जहां तैनात पुलिसकर्मियों ने महापौर को आगे जाने से रोक दिया। इस बात पर महापौर की सबलगढ़ थाना प्रभारी राजकुमारी परमार से तू-तू-मैं-मैं हो गई।
पूर्व मंत्री का मंच से मंत्री पर निशाना
मंडला जिले की राजनीति में एक बार फिर हलचल दिखी। पूर्व मंत्री देव सिंह सैयाम ने नैनपुर में आयोजित एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में बिना नाम लिए मंत्री संपतिया उईके पर तीखा हमला बोल दिया। उन्होंने मंच से ही मंत्री और स्थानीय विधायक पर मनमानी करने का आरोप लगाया। पूर्व मंत्री ने कहा-जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा ठीक नहीं है। सभी को सम्मान मिलना चाहिए।
सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान
भाजपा के एक और विधायक ने अपनी ही सरकार के लिए असहज स्थिति खड़ी कर दी है। विदिशा जिले की शमशाबाद सीट से विधायक सूर्य प्रकाश मीणा ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो वे किसानों के साथ सड़क पर उतरेंगे। विधायक का अपनी ही सरकार के खिलाफ इस तरह का रुख राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र से आने वाले भाजपा विधायक का यह बयान अलग संदेश दे रहा है।
माननीय की महिला टीआई ने मंच पर ‘उतारी’
निजी दुश्मनी के लिए पुलिस को दोषी न कहें
श्योपुर में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सीताराम आदिवासी ने सुरक्षा को लेकर महिला टीआई यास्मीन खान को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने टीआई को कहा-फालतू नाटक मत करो। ऐसे टीआई कई चले गए। जातिवाद कर रही हो। जब से ये टीआई साहिबा आई हैं, तब से घटनाएं हो रही हैं। वहीं पलटवार में सीताराम को करारा जवाब मिला। टीआई ने भी मंच से ही कहा-हमारे स्टाफ ने सुबह से शाम तक, धूप में, भूखे रहकर ड्यूटी की है, लेकिन अपने पर्सनल हित के लिए, पर्सनल दुश्मनी के लिए पूरे स्टाफ और पूरे पुलिस प्रशासन को दोषी कहना कहीं से भी उचित नहीं है। टीआई ने कहा-अगर कोई पर्सनल हित के लिए सीताराम आदिवासी के कान भरते हैं, तो ये चीज ठीक नहीं है।
मंत्री के भाई ने सीईओ को कहा-जिंदा गाड़ दूंगा
गैर-जमानती धाराओं पर एफआईआर, मिली बेल
कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदर सिंह चौहान ने अलीराजपुर जनपद पंचायत की महिला सीईओ प्रिया काग को जिंदा गाड़ने की धमकी दी। यही नहीं, इंदर सिंह महिला सीईओ को मारने दौड़े। धमकाया और कहा कि तेरे दांत तोड़ दूंगा। तुझे यहीं जिंदा गाड़ दूंगा, यहां सब मेरी मर्जी से होगा। लेखाधिकारी सावन भिंडे ने उन्हें रोका। जहां सीईओ की शिकायत पर गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज होने के बावजूद चौहान को जमानत मिल गई। वहीं मंत्री ने कहा-मैं अपने भाई से बात नहीं करता। वह अलग रहता है। वह किसे, क्या बोल रहा है, वो जाने। कानून अपना काम करेगा।
अमर्यादित बोल पर आईपीएस एसोसिएशन भड़का
निजी हमलों, अपमानजनक भाषा बोलने की निंदा
इधर, विधायक प्रीतम लोधी द्वारा प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ को लेकर अमर्यादित बोल से सेंट्रल आईपीएस एसोसिएशन भी नाराज हो गया। एक्स पर लिखा-आईपीएस एसोसिएशन, मध्य प्रदेश आईपीएस एसोसिएशन के साथ खड़ा है। इस तरह के निजी हमलों और अनुचित व अपमानजनक भाषा बोलने की कड़ी निंदा करता है। हमारा संगठन लोक सेवा में गरिमा, सत्यनिष्ठा और कानून की निष्पक्षता के लिए खड़ा है। संगठन ने अपना संदेश सेंट्रल आईएएस एसोसिएशन और आईएफएस एसोसिएशन को भी टैग किया है।
मंत्री राकेश सिंह ने आईएएस से की अभद्रता
महिला अधिकारी ने शिकायत पर फटकारा
मध्यप्रदेश में मंत्री और आईएएस अधिकारी के बीच विवाद ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह पर जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ आईएएस अरविंद शाह को बंगले पर बुलाकर अपमानित कर धमकी दी। यही नहीं, मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का दबाव बनाया। इधर, मामले को लेकर आईएएस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से कड़ी आपत्ति जताई है। दरअसल, जबलपुर स्मार्ट सिटी में कार्यरत एक महिला अधिकारी ने सीईओ पर कार्य के दौरान अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद मंत्री ने भी पूरे मामले को संज्ञान में लेकर आईएएस को बंगले पर बुलाया था।
लोगों को भीख मांगने की पड़ी आदत
मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल के विवाद बोल
मध्य प्रदेश के मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में रहे हैं। शिवपुरी दौरे के दौरान उन्होंने अधिकारियों को नौटंकी करने वाला कह दिया। इस बयान के बाद कांग्रेस ने मंत्री पर तीखा हमला बोला। वहीं इससे पहले मार्च 2025 में भी मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने राजगढ़ जिले के सुठालिया में एक समारोह के दौरान कहा था- लोगों को भीख मांगने की आदत पड़ गई है। तब भी कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग की थी।
अब सरेआम बहनों को चूमते हैं नेता
सुर्खियों में रहे मंत्री विजयवर्गीय
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महिलाओं के कपड़ों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि उन्हें छोटे कपड़े पहनकर आने वाली लड़कियां पसंद नहीं हैं, और उन्हें अच्छे कपड़े पहनकर आने को कहते हैं। यही नहीं, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की संयुक्त रैली पर टिप्पणी करते हुए कहा था- भारतीय संस्कृति में बहन के गांव में पानी नहीं पीते थे, लेकिन अब नेता सरेआम अपनी बहनों को चूमते हैं।
महिलाएं 2000 साल से पैरों की जूती
विधानसभा में फूल सिंह बरैया बोले
मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और नारी शक्ति वंदन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि समाज में महिला और पुरुष गाड़ी के दो पहिए हैं, लेकिन एक पहिया अब भी पिछड़ा हुआ है। महिलाएं सदियों से सामाजिक रूप से दबाई जाती रही हैं और इस मानसिकता को बदलना जरूरी है। बरैया ने कहा-महिलाएं पिछले 2000 वर्षों से पैरों की जूती बनी आ रही हैं। इससे पहले बरैया का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह एक मीडिया साक्षात्कार में एससी-एसटी और ओबीसी महिलाओं के साथ दुष्कर्म की अधिक घटनाओं के संबंध में कह रहे हैं कि उनके (नाम नहीं लिया) धर्म ग्रंथ में लिखा है कि इनसे दुष्कर्म से तीर्थ का फल प्राप्त होगा।
सबसे ज्यादा महिलाएं पीती हैं शराब
पीसीसी चीफ पटवारी ने किया दावा
अगस्त-2025 में मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पूरे देश में सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश की महिलाएं शराब पीती हैं। समृद्ध एमपी का सपना दिखाने वाली भाजपा ने प्रदेश के यह हालात कर दिए हैं। जितना ड्रग्स का कारोबार मध्यप्रदेश में होता है, दूसरे किसी राज्य में नहीं होता है। हमारी बहनें, बेटियां नशा करने लगीं। लाड़ली बहना के नाम पर वोट ले लिए और मध्यप्रदेश में बहना ही सबसे ज्यादा नशा करती हैं। भाजपा ने ऐसा मध्य्प्रदेश बना दिया। इस पर विचार करना चाहिए।
छिंदवाड़ा कलेक्टर डरपोक और गुलाम
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कुत्ते को सौंपा ज्ञापन
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा छिंदवाड़ा कलेक्टर शैलेंद्र सिंह को धमकी दिए जाने का मामला सामने आया। सिंघार ने धमकाते हुए कहा-कलेक्टर डरपोक हैं। वह भाजपा के गुलाम हैं। यही नहीं सिंघार ने कहा- छिंदवाड़ा कलेक्टर ज्ञापन लेने नहीं आए तो मैंने एक कुत्ता बुलाया, उसे छिंदवाड़ा कलेक्टर बनाया और उसे ज्ञापन सौंप दिया। हमारी सरकार भी आएगी, जो कलेक्टर ऐसे दादागिरी या गुलामी करेगा, उसके साथ कांग्रेस सरकार क्या करेगी देख लेना। सिंघार ने कहा था कि अगर कलेक्टर इतने पक्षपाती हैं, तो उन्हें आरएसएस की पैंट पहननी चाहिए।
मध्यप्रदेश में अधिकारी कुत्ते से भी बुरे
कांग्रेस के ‘नायक’ ने भी जताई नाराजगी
मध्यप्रदेश की सियासत में नेताओं के बिगड़े बोल लगातार सुर्खियां में रहे हैं। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने अधिकारियों पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी तुलना कुत्ते से कर दी। यह बयान उन्होंने छिंदवाड़ा कलेक्टर के खिलाफ नाराजगी जताते हुए दिया। मुकेश नायक ने कहा कि ये लोग यानी अधिकारी कुत्ते से भी बुरे हैं। कुत्ता तो तब भी अपने मालिक के लिए वफादार होता है, लेकिन ये अधिकारी तो सत्ता के तलवे भी चाट रहे हैं और भ्रष्टाचार में शामिल हो रहे हैं।
पाकिस्तानी आतंकवादी-हमारे
कुलस्ते की फिसल जुबान,कहा
पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का भी विवादित बयानों से पुराना नाता है। आॅपरेशन सिंदूर के दौरान मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने आतंकियों को हमारे संबोधित किया। यह बयान उन्होंने डिंडोरी में दिया था। कुलस्ते ने कहा-आॅपरेशन सिंदूर पर पीएम ने बहनों का बदला लेने का काम किया। हम देश और समाज के लिए पूरी क्षमता से सेना की सराहना करते हैं। इस तरह के नागरिक या सेना के अधिकारी हम सभी के लिए गर्व की बात है। भारत के लिए पाकिस्तान के जो हमारे आतंकवादी हैं, लोग हैं, उनको उन्होंने करारा जवाब दिया है।
राजनीति से नीति शब्द हो गया विलुप्त
वर्तमान राजनीति में जातिवाद पर आधारित हो गई है। कार्रवाई के बजाए विधानसभा-लोकसभा की सीटें ज्यादा देखी जाती हैं। नेतृत्व को इस बात का डर रहता है कि कार्रवाई का असर उलटा न पड़ जाए। इसलिए नोटिस देकर जवाब तलब किया जाता है और समझाइश देकर छोड़ दिया जाता है। सही न्याय नहीं होता। आज राजनीति से नीति शब्द पूरी तरह से विलुप्त हो गया है। देखा जाए तो राजनीति में राजनेताओं द्वारा मर्यादा की सीमा लांघना चलन बन गया है। सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताअओं में अपमानजनक भाषा का प्रयोग आम बात हो गई है। चाहे कांग्रेस हो या भाजपा, अमर्यादित भाषा की यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए एक स्वस्थ संकेत नहीं है। नेताओं को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि उन्हें देश की सेवा के लिए चुना गया है, न कि भाषा की मर्यादा को शर्मसार करने के लिए। इस पर पार्टी आलाकमान को चाहिए की कड़ा एक्शन ले।
विनोद तिवारी, रानीतिक विश्लेषक, भोपाल
राजनीति में शब्दों की मर्यादा का हनन
किसी भी राजनीतिक दल के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है वोट और जब वोट अगर पार्टी के किसी नेता के हाथ में हो तो फिर उस पर कार्रवाई करने के लिए पार्टी सौ बार सोचती है। यही कारण है कि लंबे अरसे से राजनीति में शब्दों की मर्यादा का जो हनन हुआ है वो बेहद चिंता का विषय है। इसमें किसी एक पार्टी को दोष देना ठीक नहीं होगा। प्रीतम लोधी वाला मसला हो या फिर विजय शाह वाला। ये दोनों ऐसे नेता हैं एक के पास लोधी समाज के वोटों की ताकत है, तो दूसरा आदिवासियों का बड़ा नेता है। इन पर कार्रवाई करने की हिम्मत पार्टी नहीं कर सकती, लेकिन जिस तरह से शब्दों की मर्यादा और नीचे गिरती जा रही है वह न केवल राजनीतिक दलों के लिए, बल्कि लोकतंत्र के लिए घातक है। जरूरी हो गया है कि वोटों की परवाह किए बिना हर पार्टी के हाई कमान ऐसे नेताओं पर सख्त कार्रवाई करें जो इस तरह के बयान देते हैं।
चैतन्य भट्ट, रानीतिक विश्लेषक, जबलपुर


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मध्य प्रदेश की राजनीति में कुछ चेहरे अपनी विरासत से पहचाने जाते हैं, तो कुछ अपनी कार्यशैली से। लेकिन जब बात अजय सिंह 'राहुल' की आती है, तो ये दोनों खूबियां एक जादुई संतुलन में नजर आती हैं। विशेष बातचीत...
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति अब केवल जुमला बनकर रह गई है। विधानसभा के पटल पर रखे गए ताजा आंकड़े प्रदेश की प्रशासनिक ईमानदारी का वह काला चेहरा उजागर करते हैं, जो न केवल चुभने वाला है, बल्कि डरावना भी है। पढ़िए ‘स्टार समाचार’ की विशेष रिपोर्ट...।
कभी बागी और बंदूकों के लिए कुख्यात चंबल का बीहड़ आज एक नए और अधिक खूंखार 'रेत माफिया' की गिरफ्त में है। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य की कोख उजाड़कर फल-फूल रहा यह अवैध धंधा अब महज चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित खूनी खेल बन चुका है।
साक्षात्कार ... राजनीति अक्सर उन रास्तों से होकर गुजरती है जिसकी कल्पना व्यक्ति ने स्वयं नहीं की होती। कुछ ऐसा ही सफर पृथ्वीपुर विधायक नितेंद्र सिंह राठौर का रहा।
हर रविवार सियासी, नौकरीशाह की अंदर की खबरों का कॉलम
प्रशानिक, राजनीतिक अंदर खबर की खबर उजागर करने वाला कॉलम
बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव से लेकर दिल्ली और फिर मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत मध्यप्रदेश विधानसभा में 10 वर्ष तक प्रमुख सचिव रहे अवधेश प्रताप सिंह की जीवन यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है।
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मध्यप्रदेश में जाति प्रमाण-पत्र का विवाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में गरमाया हुआ है, जिसमें कई वर्तमान-पूर्व सांसद, विधायक और आईएएस-आईपीएस अफसर कानूनी शिकंजे में फंसे नजर आ रहे हैं।