मध्यप्रदेश आत्महत्या के मामलों में देश में अव्वल है। यह हम नहीं, बल्कि एनसीआरबी द्वारा जारी 2024 की रिपोर्ट में यह चौकाना वाला खुलासा हुआ है। दावा किया गया है कि मप्र में छात्र, सरकारी कर्मचारी, किसान और गृहणियां मानसिक तनाव झेल रहे हैं और इसी के चलते वे जान दे रहे हैं।

एनसीआरबी की रिपोर्ट-2024 ने खोली दावों की पोल
2024 में 731 छात्राओं ने दी जान, जो सबसे ज्यादा
साल 2024 में हर दिन करीब 42 लोग खुदकुशी की
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश आत्महत्या के मामलों में देश में अव्वल है। यह हम नहीं, बल्कि एनसीआरबी द्वारा जारी 2024 की रिपोर्ट में यह चौकाना वाला खुलासा हुआ है। दावा किया गया है कि मप्र में छात्र, सरकारी कर्मचारी, किसान और गृहणियां मानसिक तनाव झेल रहे हैं और इसी के चलते वे जान दे रहे हैं। यही नहीं, रिपोर्ट में मध्य प्रदेश में खुदकुशी के जो आंकड़े सामने आए हैं, वो यही बता रहे हैं। इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश में देश के उन टॉप तीन राज्यों में शामिल हैं, जहां सबसे ज्यादा लोगों ने खुदकुशी की है। इसमें विद्यार्थियों के साथ महिलाएं, किसान और सरकारी दफ्तरों के कर्मचारी की संख्या सबसे ज्यादा है। साल 2024 में हर दिन करीब 42 लोग खुदकुशी की। एमपी में इस एक साल में 15400 से ज्यादा लोगों ने खुदकुशी की थी। रिपोर्ट में खुदकुशी के जो आंकड़े सामने आए हैं, उनमें मध्य प्रदेश के बड़े शहरों के नाम देश में सबसे ज्यादा आत्महत्या दर वाले शहरों की सूची में हैं। इंदौर में खुदकुशी की दर 34 प्रतिशत से ऊपर है और यह देश में चौथे नंबर पर है। वहीं राजधानी भोपाल में यह दर 28 प्रतिशत के ऊपर है और यह देश में सातवें नंबर पर है।
जान देने वालों में सबसे ज्यादा विद्यार्थी
रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में मध्य प्रदेश में 1447 विद्यार्थियों ने खुदकुशी की थी। इसमें प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर है। महाराष्ट्र में 1909 और उत्तर प्रदेश में 1585 विद्यार्थियों ने खुदकुशी की थी। सबसे डराने वाली बात यह है कि इनमें छात्राएं सबसे ज्यादा हैं, करियर की चिंता के तनाव में वो यह कदम उठा रही हैं। मध्यप्रदेश में 2024 में 731 छात्राओं ने खुदकुशी की थी, जो छात्रों से ज्यादा है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज यानी मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। जहां प्रदेश के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इससे पहले सीएम ने पीएम मोदी के शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए बड़ी उपलब्धि है।
मध्यप्रदेश के गांवों और शहरों की गलियों से गुजरते हुए अगर आपको साड़ी का पल्लू संभाले या कॉलेज का बैग टांगे महिलाओं की कोई टोली दिखाई दे, तो उन्हें सिर्फ राहगीर समझने की भूल मत कीजिएगा। शौर्या दल की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि ये अपराध होने के बाद मोमबत्तियां नहीं जलातीं, बल्कि अपराध होने से पहले ही उसकी कमर तोड़ देती हैं।
एयरफोर्स अधिकारी के घर फायरिंग मामले में फरार जिला बदर आरोपी ने इंस्टाग्राम लाइव पर पुलिस को खुली चुनौती दी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और साइबर टीम आरोपी व उसके साथियों की तलाश में जुटी है।
सतना-सेमरिया मार्ग के निर्माण के लिए 87.50 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हुआ। जर्जर सड़क, गड्ढों और रखरखाव की कमी से ग्रामीणों व यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सतना सर्किल में मई 2026 के दौरान बिजली खपत 491.90 लाख यूनिट पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 50.65 प्रतिशत अधिक है। बढ़ते लोड से ट्रांसफार्मर फेल और केबल आग की घटनाएं बढ़ीं।
सतना रेलवे स्टेशन के मुख्य मार्ग पर बढ़ते अतिक्रमण, सड़क तक फैले होटल-व्यवसाय और कोयले की भट्टियों से निकलते धुएं ने यातायात व्यवस्था प्रभावित कर दी है। नागरिकों को रोजाना जाम और प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है।
सतना जिले में एचएमआईएस और यू-विन पोर्टल के टीकाकरण आंकड़ों में 12,566 बच्चों का अंतर सामने आया है। नगर क्षेत्र में सबसे ज्यादा विसंगति दर्ज हुई, जिससे डेटा गुणवत्ता और सत्यापन पर सवाल उठे।
विश्व साइकिल दिवस पर सतना में आयोजित साइकिल रैली में प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, युवा, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। रैली के माध्यम से फिटनेस, स्वच्छता, ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
मध्यप्रदेश आत्महत्या के मामलों में देश में अव्वल है। यह हम नहीं, बल्कि एनसीआरबी द्वारा जारी 2024 की रिपोर्ट में यह चौकाना वाला खुलासा हुआ है। दावा किया गया है कि मप्र में छात्र, सरकारी कर्मचारी, किसान और गृहणियां मानसिक तनाव झेल रहे हैं और इसी के चलते वे जान दे रहे हैं।
इंदौर के एमवाय अस्पताल (MYH) में भीषण गर्मी के बीच बच्चे को स्ट्रेचर पर धकेलने के वायरल वीडियो के बाद प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। सिक्योरिटी इंचार्ज बर्खास्त, डॉक्टर और नर्सों की सैलरी काटी गई।