मध्यप्रदेश में लोकायुक्त पुलिस का भ्रष्टाचारियों के खिलाफ प्रहार जारी है। एक के बाद एक भ्रष्टाचारी पर शिकंजा कसा जा रहा है। यह हम नहीं राज्य सरकार ने खुद सदन में स्वीकार किया है। दरअसल, लोकायुक्त में बीते चार वर्षों में मध्यप्रदेश के 1379 अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध जांचें चल रही हैं।

यह जानकारी कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में लोकायुक्त पुलिस का भ्रष्टाचारियों के खिलाफ प्रहार जारी है। एक के बाद एक भ्रष्टाचारी पर शिकंजा कसा जा रहा है। यह हम नहीं राज्य सरकार ने खुद सदन में स्वीकार किया है। दरअसल, लोकायुक्त में बीते चार वर्षों में मध्यप्रदेश के 1379 अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध जांचें चल रही हैं। जांच के दायरे में आए केसों में 20.97 करोड़ रुपए की वसूली किए जाने के बावजूद 134 प्रकरण अभियोजन स्वीकृति में लंबित हैं। वहीं 39 प्रकरणों में चालानी कार्रवाई की गई है और 208 प्रकरणों में न्यायालय में चालान पेश किए जा चुके हैं। यह जानकारी कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी।
जांच के दायरे में 1379 प्रकरण
सीएम ने बताया कि लोकायुक्त संगठन में वर्ष 2022-23 से अब तक 1884 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जबकि विशेष पुलिस स्थापना में 1063 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। इन केसों में शिकायत एवं जांच शाखा तथा तकनीकी शाखा द्वारा इसी अवधि में 1592 जांच पूरी कर प्रकरणों का निराकरण किया है। वर्तमान में शिकायत एवं जांच शाखा में 1291 और तकनीकी शाखा में 88, कुल 1379 प्रकरण जांच के दायरे में हैं।
134 केस अभियोजन स्वीकृति में लंबित
लोकायुक्त संगठन की विशेष पुलिस स्थापना द्वारा पंजीबद्ध 1063 आपराधिक प्रकरणों में से 393 प्रकरणों की विवेचना पूरी की जा चुकी है। इनमें 134 प्रकरण अभियोजन स्वीकृति में लंबित हैं। वहीं 39 प्रकरणों में चालानी कार्रवाई की गई है और 208 प्रकरणों में न्यायालय में चालान पेश किए हैं। इसके अतिरिक्त 12 प्रकरणों में न्यायालय में खात्मा पेश किया है, जिनमें आरोपी की मृत्यु अथवा प्रकरण के उन्मोचित होने का आधार रहा। शेष 670 प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन हैं।
153 भ्रष्टों पर गिर चुकी गाज
सीएम ने जवाब में यह भी बताया गया कि कुल जांच किए गए केसों में शिकायत और जांच शाखा के 146 व तकनीकी शाखा के 7, कुल 153 प्रकरणों में अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। साथ ही शिकायत एवं जांच के आधार पर 20 करोड़ 97 लाख 17 हजार 905 रुपए की वसूली की गई है।
सात के खिलाफ दोष सिद्ध
लोकायुक्त संगठन की विशेष पुलिस स्थापना द्वारा न्यायालय में पेश किए गए 208 चालानों में से 7 प्रकरणों में आरोपियों के विरुद्ध दोष सिद्ध हुआ है। इन केसों में संबंधित आरोपियों के खिलाफ सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक उ-6-2/98/3/1 दिनांक 26 मई 1998 के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस विधायक का यह था सवाल
दरअसल, कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने विधानसभा के माध्यम से राज्य सरकार से पूछा था कि वर्ष 2022-23 से वर्तमान तक लोकायुक्त संगठन में कुल कितने प्रकरण प्राप्त हुए, कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया और कितने वर्तमान में लंबित हैं। साथ ही कितने प्रकरणों में दोष सिद्ध हुआ, उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई प्रस्तावित की गई तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए शासन द्वारा क्या कार्ययोजना और समय-सीमा निर्धारित की गई है।


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