एनएचएम के कायाकल्प अवार्ड 2025-26 में सतना के रामनगर सीएचसी, सिंहपुर और जैतवारा पीएचसी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। तीनों संस्थानों को कुल 7.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और प्रदेशस्तरीय सम्मान मिला।
सतना-मैहर में संविदा पीजीएमओ और चिकित्सा अधिकारियों के दस्तावेजों के तीन दिवसीय सत्यापन आदेश पर विरोध शुरू हो गया है। चिकित्सकों ने नियमित और संविदा दोनों के दस्तावेजों की समान व पारदर्शी जांच की मांग उठाई है।
उमरिया में एनएच-43 पर तेज रफ्तार कार खड़े ट्रक से टकरा गई। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि गंभीर घायल युवती को सीपीआर देकर जबलपुर रेफर किया गया।
एनएचएम ने मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हर मातृ मृत्यु की वर्बल ऑटोप्सी, समयबद्ध जांच और मासिक समीक्षा अनिवार्य होगी। नियमों के पालन पर ही प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
सीधी-सिंगरौली एनएच-39 पर बने 10 फीट गहरे गड्ढे में गाय गिर गई। ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित निकाला। 12 वर्षों से अधूरी सड़क परियोजना की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सतना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही एनएचएम की जांच में सामने आई। कुपोषण, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की निगरानी में कमी और अस्पतालों में अनियमितताओं पर छह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
सतना में एनएचएम संविदा कर्मियों के 6 करोड़ रुपए ईपीएफ जमा न होने के मामले में प्रशासकीय अधिकारी शावेंद्र सिंह को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। सात दिन में जवाब नहीं देने पर कार्रवाई होगी।
मैहर जिले के परसवाही गांव में सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद ग्रामीणों ने एनएच-30 पर चक्काजाम कर दिया। खराब सड़क और गड्ढों को हादसे की वजह बताते हुए प्रशासन और एनएचएआई के खिलाफ नाराजगी जताई गई।
आरटीआई जवाब में स्पष्ट हुआ कि सार्थक ऐप के नियम नियमित कर्मचारियों तक सीमित हैं। बावजूद इसके एनएचएम संविदाकर्मियों पर ऐप अटेंडेंस का दबाव बना हुआ है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली, मानदेय विवाद और प्रशासनिक सख्ती पर बहस तेज हो गई।
सीधी जिले में एनएच-39 पर युवक को वाहन ने टक्कर मारकर फिर कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने हत्या जैसे आरोप लगाए हैं, जबकि चालक बिना लाइसेंस बताया जा रहा, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।






















