सीधी-सिंगरौली एनएच-39 पर बने 10 फीट गहरे गड्ढे में गाय गिर गई। ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित निकाला। 12 वर्षों से अधूरी सड़क परियोजना की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सतना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही एनएचएम की जांच में सामने आई। कुपोषण, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की निगरानी में कमी और अस्पतालों में अनियमितताओं पर छह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
सतना में एनएचएम संविदा कर्मियों के 6 करोड़ रुपए ईपीएफ जमा न होने के मामले में प्रशासकीय अधिकारी शावेंद्र सिंह को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। सात दिन में जवाब नहीं देने पर कार्रवाई होगी।
मैहर जिले के परसवाही गांव में सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद ग्रामीणों ने एनएच-30 पर चक्काजाम कर दिया। खराब सड़क और गड्ढों को हादसे की वजह बताते हुए प्रशासन और एनएचएआई के खिलाफ नाराजगी जताई गई।
आरटीआई जवाब में स्पष्ट हुआ कि सार्थक ऐप के नियम नियमित कर्मचारियों तक सीमित हैं। बावजूद इसके एनएचएम संविदाकर्मियों पर ऐप अटेंडेंस का दबाव बना हुआ है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली, मानदेय विवाद और प्रशासनिक सख्ती पर बहस तेज हो गई।
सीधी जिले में एनएच-39 पर युवक को वाहन ने टक्कर मारकर फिर कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने हत्या जैसे आरोप लगाए हैं, जबकि चालक बिना लाइसेंस बताया जा रहा, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सतना में एनएचएम के 347 संविदा कर्मियों का करीब 6 करोड़ रुपये पीएफ गायब होने का मामला सामने आया है। राज्यस्तरीय टीम ने जांच शुरू कर दी, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज।
सतना जिले के 267 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को दो वर्षों से 4 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। नाराज सीएचओ ने जिला लेखा प्रबंधक कार्यालय का घेराव कर चेतावनी दी कि मार्च तक भुगतान नहीं हुआ तो ऑनलाइन कार्य बंद करेंगे।
सतना जिले के परसमनिया पीएचसी में चौंकाने वाला मामला सामने आया। रिकॉर्ड में मेडिकल ऑफिसर की सिर्फ 70 दिन उपस्थिति, लेकिन 3 हजार ओपीडी और 4 हजार ब्लड टेस्ट दर्ज। मिशन डायरेक्टर ने जांच के निर्देश दिए।
रीवा में 85 करोड़ की लागत से बनने वाली एनएच 135बीडी दो लेन सड़क से पूर्वा, क्योंटी वाटरफॉल और देउर कोठार सीधे जुड़ेंगे, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।






















