सतना सहित विंध्य में एलपीजी सिलेंडर के लिए गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा, जबकि प्रशासन का दावा है कि गैस की कमी नहीं, सिर्फ सर्वर समस्या है।
By: Yogesh Patel
Mar 13, 20264:16 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
अमेरिका-इजराइल की इरान से जंग के चलते देश व प्रदेश की तरह विंध्य व सतना में भी एलपीजी की किल्लत शुरू हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लम्बी कतारें नजर आने लगी हैं। गैस की किल्लत के बीच जहां इसकी कालाबाजारी शुरू हो गई है वहीं दूसरी ओर प्रशासन का दावा है कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है सिर्फ समस्या सर्वर और बुकिंग की आ रही है। प्रशासन के इस दावे को अगर सच भी मान लें तो बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लम्बी कतारें किस बात की लगी हैं और लोग गाड़ियों से गैस सिलेंडर क्यों लूट रहे हैं? बहरहाल गैस की किल्लत है या फिर एजेंसियां कृत्रिम संकट खड़ा कर रही हैं यह तो विस्तृत प्रशासनिक जांच के बाद सामने आएगा। लेकिन हकीकत यही है कि पिछले 2 से 3 दिनों से लोगों की गैस बुक नहीं हो रही, सर्वर बंद है, शहर की तीन गैस एजेंसियों में से दो में गैस सिलेंडर का स्टाक लगभग समाप्त हो गया है। इन एजेंसियों से लोग गुरूवार को जैसे खाली सिलेंडर लेकर गए थे वैसे ही खाली सिलेंडर लेकर लौटे हैं।
पर्ची कटी फिर भी नहीं मिला सिलेंडर
गैस सिलेंडर की कमी न होने का भले ही जिला प्रशासन द्वारा दावा किया जा रहा हो लेकिन हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं। आने वाले समय में जिले में एलपीजी का संकट और भयावह रूप ले सकता है। बहरहाल गुरूवार को कई ऐसे गैस उपभोक्ता शहर की गैस एजेंसियों के सामने भटकते नजर आए जिन्होंने आज से 15-20 दिनों पहले गैस तो बुक कराई थी लेकिन जब वे सिलेंडर लेने पहुंचे तो उन्हें सिलेंडर नहीं मिला।
नम्बर लगाने के बाद पर्ची तो दे दी गई है लेकिन एजेंसी में गैस सिलेंडर नहीं होेने की वजह से सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। बताया जा रहा है कि जब गाड़ी आएगी तब सिलेंडर दिया जाएगा।
कमलेश प्रसाद
नम्बर पहले से लगा है लेकिन गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है, लगभग डेढ़ घंटे लाइन में खड़ा रहा इसके बाद बताया गया कि गैस सिलेंडर है ही नहीं, जैसे ही सप्लाई आती है लोगों को सिलेंडर दिया जाएगा।
योगेन्द्र प्रताप सिंह
पिछले चार महीने से मैंने सिलेंडर नहीं लिया, आज नम्बर लगाने के बावजूद भी मुझे गैस नहीं मिल रही है। कहा जा रहा है कि गैस सिलेंडर है नहीं, जैसे ही आएंगे सिलेंडर मिलेगा।
अवधेश सिंह
पिछले 5 दिनों से गैस के लिए भटक रही हूं। सर्वर की वजह से नम्बर भी नहीं लग रहा है। बेटा बाहर काम करता है, गैस के लिए उसे बुलवाई हूं। पिछले दो घंटों से इंतजार में हूं, अभी तक गैस नहीं मिली।
रन्नू दाहिया, टिकुरी
नम्बर लगा रहे हैं तो नम्बर लग नहीं रहा है। एजेंसी वाले बोलते हैं कि ऐप डाउनलोड करके नम्बर लगाइए, जिसके पास छोटा मोबाइल है वह क्या करें? गैस का स्टाक खत्म है, मैं पिछले 3-4 दिनों से आ रहा हूं।
विक्रम सिंह
जिले में घरेलू गैस का कोई संकट नहीं है, सर्वर डाउन होने की वजह से बुकिंग में कुछ समस्याएं आ रही हैं जिससे लोग घबरा रहे हैं कि उन्हें गैस मिलेगी कि नहीं। जबकि जिले में लगातार गैस की आवक है।
साम्यक जैन, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी
सिर्फ मैसेज आया सिलेंडर नहीं
उपभोक्ताओं ने बताया कि तीन दिन पूर्व एजेंसी के आॅनलाइन नम्बर पर रिफिल बुक की थी, बुक करने के बाद गैस का मैसेज और ओटीपी भी आया था लेकिन घर तक सिलेंडर नहीं पहुंचा। एजेंसी के जानकारों से जब इस विषय पर चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि 2 से 3 दिन बाद वाहन चालक के द्वारा सिलेंडर की होम डिलेवरी की जाएगी। एजेंसी संचालकों द्वारा वाहन चालकों को नम्बर बंद करने की सलाह भी दी गई। मैसेज के बाद भी घर तक सिलेंडर न पहुंचने पर विवश उपभोक्ताओं ने एजेंसी की ओर रुख अपनाया।
ऐसे में तो बंद हो जाएंगे होटल-रेस्टोरेंट
पिछले दो- तीन दिनों से व्यवसायिक सिलेंडरों की सप्लाई ठप होने से शहर में संचालित होटल, रेस्टोरेंट व चाय ठेलों के बंद होेने की नौबत आ गई है। होटल और रेस्टोरेंटों व्यवसायिक सिलेंडर की बजाय वैकल्पिक व्यवस्था (डीजल भटटी, चूल्हा भटटी) करने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवसायिक सिलेंडर सिर्फ अस्पताल, सेना पुलिस की कैंटीन, रेलवे और एयरपोर्ट स्थित कैंटीन में ही मिलेगी।
इधर, मुख्य सचिव के निर्देश
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेट्रोलियम पदार्थों तथा एलपीजी की आपूर्ति एवं वितरण की समीक्षा की। उन्होने कहा कि कलेक्टर एलपीजी के वितरण और भंडारण पर कड़ी निगरानी रखें। यदि कोई व्यक्ति इनका अवैध कारोबार अथवा कालाबाजारी करता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें। गैस सिलेंडर रिफिल कराने के लिए आॅनलाइन बुकिंग तथा वितरण की व्यवस्था कराएं।
पन्ना: आॅनलाईन सिस्टम फेल
पन्ना में कई दिनों से गैस सिलेण्डर की कमी की समस्या आ रही सामने। दोनों में सर्वर डाउन होने की वजह से लोगों को नहीं मिल रहा सिलेण्डर। गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की सुबह से लाइन लग जाती है, बावजूद इसके लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
सीधी में भी पेट्रोल पंपों एवं रसोई गैस लेने उमड़ी भीड़
सीधी में भी पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की किल्लत देखने को मिली। यहां जिन स्थानो पर गैस सिलेण्डर का वितरण होता है वहां लोगों की भीड़ नजर आई। गैस एजेंसियों के कुछ कर्मचारियों का कहना था कि वर्तमान में रसोई गैस का स्टाक मौजूद है। फिर भी लोग जरूरत न होने के बावजूद रसोई गैस लेने के लिए भीड़ लगा रहे हैं। रसोई गैस लेने के लिए जगह-जगह लोगों की उमड़ती भीड़ को लेकर अन्य लोग भी खाली गैस सिलेंडर लेकर चक्कर काटने की तैयारी कर रहे हैं। व्यावसायिक गेस सिलेंडरों की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए हैं। व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल गैस की आपूर्ति रोंकने के निर्देश दिए गए हैं। गैस एजेंसियों के नोटिस बोर्ड पर जिसकी नोटिस चस्पा हो चुकी है। उधर पेट्रोल पंपों में भी अफवाह के चलते पेट्रोल लेने वालों की भीड़ आज सुबह से ही उमड़ती नजर आई। जो व्यक्ति पहले 100 रुपए का पेट्रोल बमुश्किल डलाते थे अब वह 500 रुपए का पेट्रोल डलवाने की जिद पर अड़े हुए हैं।
सिंगरौली में पुराने स्टाक से चल रहा है काम
जिले में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की मांग अचानक बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। पिछले कुछ दिनों से गैस की सप्लाई कम होने के कारण कई एजेंसियों में स्टॉक लगभग खत्म हो गया है। हालात यह हैं कि जिले के कई गैस एजेंसी संचालकों ने पुराने स्टॉक में वितरण व्यवस्था का काम चलाया है। वहीं कुछ एजेंसियों में उपभोक्ताओं को बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल सका। उन्हें एक-दो दिन तक इंतजार करने की बात कही गई। इधर होटल रेस्टोरेंट से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि गैस सिलेंडर की नियमित सप्लाई नहीं मिलने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। होटल संचालक आनंद प्रताप ने बताया कि कई बार सिलेंडर खत्म होने पर भोजन बनाने में दिक्कत आती हैै।
समय पर गैस नहीं मिलने से परेशानी बढ़ रही है। कई परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन और गैस कंपनियों से सप्लाई व्यवस्था जल्द सामान्य करने की मांग की है।
राम मनोहर गुप्ता, उपभोक्ता
गोदाम में पिछला स्टॉक बचा हुआ है। उसमें काम चला रहे हैं। घरेलू उपभोक्ता को परेशानी न हो। इसलिए व्यावसायिक वालों को बंद किया जा रहा है। मगर जरूरत तो दोनों की बराबर देखी जा रही है। सिलेंडर के लिए पहले की अपेक्षा वर्तमान में लोगों की भीड़ अधिक सं या में पहुंच रही है।
नागेन्द्र मणि शुक्ल, गैस एजेंसी संचालक, बैढ़न
रीवा: गैस सिलेण्डर के नाम पर लूट
गैस सिलेण्डर के किल्लत के बीच रीवा में गैस सिलेण्डर लूटने की खबर सामने आई है। यहां कामर्शियल सिलेण्डर की कमी का फायदा उठाते हुए कई सप्लायर घरेलू सिलेण्डरों को ऊंचे दामों पर होटल और ढाबों में बेच रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया है कि कुछ होटलों में घरेलू सिलेण्डर 2 हजार से 25सौ रुपए में दिए गए हैं। यही वजह है कि आम उपभोक्ताओं को गैस सिलेण्डर के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। बावजूद आधे से ज्यादा लोग बगैर सिलेण्डर के ही आ रहे हैं। यहां खास बात यह है कि ऐसे भी उपभोक्ता हैं जिन्होंने सिलेण्डर एजेंसी से नहीं लिया है परंतु उनके नाम से सिलेण्डर की डिलेवरी दी जा चुकी है।
पूर्व पार्षद रामप्रकाश तिवारी डैडू ने बताया कि न उनके फोन में ओटीपी आई और न ही उन्होंने सिलेण्डर बुक किया परंतु जब वह एजेंसी पहुंचे तब यह मालूम हुआ कि उनके नाम का सिलेण्डर बुक होकर जा चुका है। पिछले कुछ दिनों से प्रशासन द्वारा कामर्शियल गैस में पूरी तरह से रोक लगाई गई है। बावजूद एजेंसी संचालक के इशारे पर कर्मचारी होटल एवं ढाबों में ऊंचे दामों पर घरेलू गैस सिलेण्डर की बिक्री कर रहे हैं।
गैस गोदामों में पर्याप्त मात्रा में घरेलू गैस सिलेण्डर मौजूद हैं, किसी को लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं है। जिनकी केवाईसी नहीं हुई है वह केवल केवाईसी कराएं, उन्हें घर में ही गैस के सिलेण्डर उपलब्ध हो जाएंगे। कामर्शियल पर पूरी तरह से प्रतिबंध है, उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था में काम करना पड़ेगा।
अनुराग तिवारी, एसडीएम रीवा
संभाग के सभी जिलों में गैस एजेंसियों, होटल संचालकों के साथ बैठक करके समन्वय बनाया गया है। राजस्व तथा पुलिस अधिकारी एलपीजी गैस के वितरण और भंडारण की निगरानी कर रहे हैं। विद्यार्थियों की परीक्षाएं हो जाने के कारण छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। जो विद्यार्थी हैं उनके भोजन के लिए समुचित प्रबंध किए गए हैं। लोगों को एलपीजी गैस का अनावश्यक भंडारण न करने के संबंध में समझाइश दी जा रही है।
बीएस जामोद, कमिश्नर, रीवा
छतरपुर : नियमों की सख्ती व बढ़ी कीमतों ने बढ़ाई मुश्किलें
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर नियम और सख्त किए जाने और बढ़ती कीमतों से आम जनता और होटल संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने गैस एजेंसी संचालकों की बैठक लेकर दो टूक कहा है कि यदि डिलीवरी आॅथेंटिकेशन कोड बुक नहीं है, तो सिलेंडर का वितरण न किया जाए। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बुकिंग सिस्टम और कस्टमर केयर नंबरों में आ रही तकनीकी खराबी को भी तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर गैस एजेंसियों पर पहुंचे उपभोक्ताओं का कहना है कि 25 दिन की बाध्यता और ओटीपी न आने के कारण घर का चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। कस्टमर केयर पर कॉल नहीं लग रहे हैं और सिस्टम धीमा होने से घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। व्यावसायिक सिलेंडरों के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट और होटलों में भी सन्नाटा है। कई होटल संचालक मजबूरी में कोयले की भट्टी का सहारा ले रहे हैं। छतरपुर की गैस एजेंसी के संचालक मनोज जैन ने बताया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।