भोपाल में नर्सिंग छात्रा से एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार की ठगी। परिचित युवकों ने दिया झांसा, पुलिस ने अमर छावा को किया गिरफ्तार, मुकुल त्यागी फरार
मंडी बोर्ड के सार्थक ऐप में लोकेशन छेड़छाड़ कर फर्जी हाजिरी लगाने का मामला सामने आया है। सतना, मैहर समेत छह जिले दागदार हुए, जबकि रीवा में सबसे ज्यादा कर्मचारी चिन्हित किए गए।
जबलपुर सीबीआई ने रेलवे टेक्नीशियन भर्ती में धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को मुंगेर से गिरफ्तार किया है। बायोमैट्रिक मिलान न होने पर खुला फर्जीवाड़ा।
रीवा में स्कूल मरम्मत के नाम पर 28 लाख के फर्जीवाड़े की जांच पूरी, डीईओ सहित अधिकारी व प्राचार्य दोषी पाए गए।
बैंक लोन फर्जीवाड़ा मामले में फंसे अनिल अंबानी की रिलायंस ग्रुप कंपनियों (Reliance Infrastructure, RCOM) के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की सख्ती बढ़ गई है। ED द्वारा ₹7500 करोड़ की संपत्ति जब्त करने के बाद, अब MCA ने फंड के कथित दुरुपयोग की विस्तृत जांच SFIO को सौंपी है। जानें ₹40,000 करोड़ के कर्ज और 'evergreening of debt' का पूरा मामला।
सतना जिले के सज्जनपुर शासकीय विद्यालय में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक रामकृष्ण गुप्ता का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। शिक्षक ने नकली भू-स्वामी बनकर पत्नी के नाम से जमीन की सौदेबाजी करते हुए 11,000 रुपये वसूले। शिकायत के बाद हुई जांच में मामला सत्य पाया गया, जिसके बाद जेडी ने शिक्षक को नोटिस जारी कर 7 दिनों में जवाब मांगा है। पूर्व में भी इस शिक्षक के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में कोचिंग दबाव को लेकर शिकायत दर्ज हो चुकी है।
गौरिहार जनपद की करहरी, टिकरी, सिसोलर और रेवना ग्राम पंचायतों में सफाई, कार्यालय व्यय और प्रचार-प्रसार के नाम पर लाखों रुपये फर्जी और धुंधले बिल अपलोड कर खर्च दिखाए गए। सरपंच-सचिव द्वारा अपने रिश्तेदारों और लोकल वेंडरों के नाम पर भुगतान कर सरकारी राशि ठिकाने लगाने का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की।
रीवा में स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आनंदम प्रशिक्षण के दौरान सिर्फ 25 कूलर लगाए गए लेकिन 50 का बिल लगाया गया, वहीं 2 एसी को बढ़ाकर 12 दिखाया गया। जांच में मैट, कुर्सी, गद्दा, तकिया तक की संख्या में हेरफेर मिला। 32 लाख फंड में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
सोहौला में जमीन फर्जीवाड़े का मामला जनसुनवाई में सामने आया। मृतक के नाम से रिकॉर्ड सुधार कर रजिस्ट्री कराने के आरोप सिद्ध हुए। कलेक्टर की फटकार के बाद एसडीएम ने स्टे दिया, अब अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।
रीवा नगर निगम क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने 1386 ईडब्ल्यूएस मकानों का सत्यापन हुआ। जांच में 197 मकान किराए पर, 366 पर ताला और कई में अवैध बदलाव पाए गए। पांच लोगों के नाम पर चार-चार मकान आवंटित होने का खुलासा। अब शोकॉज नोटिस जारी कर आवंटन निरस्त करने की तैयारी।






















