जनगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राज्य सरकार ने गृह विभाग को इस कार्य के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया है, जो पूरे अभियान की निगरानी करेगा। इसी के तहत जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है।

AI Generated Image

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राज्य सरकार ने गृह विभाग को इस कार्य के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया है, जो पूरे अभियान की निगरानी करेगा। इसी के तहत जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है। निर्देशों के अनुसार, जनगणना के दौरान गलत जानकारी देने या कार्य में बाधा उत्पन्न करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में तीन साल तक की सजा और जुमार्ने का प्रावधान रखा गया है।
कर्मचारियों की मिली फ्रीहैंड
गाइडलाइन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जनगणना कर्मी केंद्र सरकार द्वारा तय प्रश्नों के आधार पर जानकारी एकत्र करेंगे। हर नागरिक का दायित्व होगा कि वह सही जानकारी उपलब्ध कराए। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति परिवार की किसी महिला का नाम बताने से इंकार करता है, तो कर्मचारी उस पर दबाव नहीं बना सकेंगे।
कर्मचारी को रोका तो भरोगे जुर्माना
अधिकृत जनगणना अधिकारी अपने कार्य के दौरान किसी भी घर, परिसर या अन्य स्थान में प्रवेश कर सकते हैं, बशर्ते वह स्थान पारंपरिक रूप से प्रतिबंधित न हो। उन्हें आवश्यक आंकड़े एकत्र करने और रिकॉर्ड तैयार करने से भी नहीं रोका जा सकेगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रक्रिया में बाधा डालता है या जानकारी देने से बचता है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में एक हजार रुपए तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
कई विभागों की संयुक्त भागीदारी
जनगणना कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, पंचायत और शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को तैनात करने का निर्णय लिया है। इससे डेटा संग्रहण की प्रक्रिया को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा। अधिसूचना के तहत नियुक्त अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक जानकारी एकत्र करने, दस्तावेजों की जांच करने और संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण करने के लिए अधिकृत होंगे। जरूरत पड़ने पर वे किसी भी नागरिक से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कानूनी बदलाव की जरूरत
वर्तमान में जनगणना अधिनियम 1948 के तहत केवल एससी और एसटी वर्ग की गणना का प्रावधान है। ओबीसी की गणना के लिए इस कानून में संशोधन जरूरी होगा। 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 1,270 अनुसूचित जातियां और 748 अनुसूचित जनजातियां दर्ज की गई थीं। उस समय एससी की आबादी 16.6 प्रतिशत और एसटी की आबादी 8.6 फीसदी थी। 2011 में सामाजिक-आर्थिक और जातिगत सर्वेक्षण भी कराया गया था, लेकिन उसके पूर्ण आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए थे।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्यप्रदेश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए 'नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा' मनाया जा रहा है। 15 अप्रैल को भोपाल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पद्मश्री विजेता और समाज की प्रेरक महिलाएं शामिल होंगी
बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर महू में उत्सव का माहौल। सीएम मोहन यादव ने संविधान को अमर बताया, वहीं जीतू पटवारी ने घेरा। जानें आधी रात के भव्य आयोजन और व्यवस्थाओं की रिपोर्ट।
रीवा के करहिया में बिना पंचायत अनुमति 7 मंजिला भवन निर्माण और सरकारी जमीन कब्जे का मामला सामने आया। हाईटेंशन लाइन के बीच बन रही इमारत से स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
रीवा के नए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने पदभार संभालते ही गांव पहुंचकर अनोखी पहल की। जतरी में कलेक्ट्रेट लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर समाधान के निर्देश दिए।
रीवा में बिजली विभाग की लापरवाही से शॉर्ट सर्किट से आग लगने से अमिलिया गांव में 40 बीघा गेहूं की फसल जल गई। किसानों को भारी नुकसान हुआ और मुआवजे की मांग तेज हो गई।
सीधी में मंदिर में चोरी का अनोखा मामला सामने आया, जहां चोर ने पहले पूजा कर भगवान का आशीर्वाद लिया और फिर मुकुट चुरा लिया। सीसीटीवी में कैद वारदात से आस्था और अपराध पर सवाल उठे।
पन्ना के पवई में 87 करोड़ की जल परियोजना के बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। एजेंसी और नगर परिषद के बीच तालमेल की कमी से जनता अब भी जल संकट झेलने को मजबूर है।
सतना में युवक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर हाईवे जाम किया। चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों पर हंगामा बढ़ा, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले।
सतना में बरगी टनल का कार्य मई अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। सांसद गणेश सिंह ने सिंचाई और जल जीवन मिशन कार्यों की समीक्षा कर नहर निर्माण तेज करने के निर्देश दिए।
सतना में निजी स्कूल फरवरी से किताबें बेचते रहे, जबकि प्रशासन अप्रैल में मेला लगाकर औपचारिकता निभाता दिखा। कम भीड़, सीमित स्टॉल और अव्यवस्था ने मेले की उपयोगिता पर सवाल खड़े किए।