राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुख्य आतिथ्य और राज्यपाल मंगुभाई पटेल व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आज विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया गया।

राष्ट्रपति बोलीं- स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा
सीएम ने कहा- 2027 तक 1.60 करोड़ स्क्रीनिंग होंगी
मप्र में अब तक 1.32 करोड़ लोगों की हो चुकी स्क्रीनिंग

भोपाल/ओंकारेश्वर। स्टार समाचार वेब
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुख्य आतिथ्य और राज्यपाल मंगुभाई पटेल व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आज विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। जहां समारोह में संबोधन के दरौन राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश की बहुआयामी उपलब्धियों के लिए मैं राज्य सरकार की सराहना करती हूं। मुझे इस मिशन की परिकल्पना ने प्रभावित किया है। इसलिए मैं इस मिशन के तीन प्रमुख आयामों का उल्लेख करना चाहूंगी। पहला- बड़े स्तर पर जागरूकता फैलाना और विवाह पूर्व जेनेटिक काउंसलिंग करना। दूसरा-व्यापक स्क्रीनिंग करके समय रहते रोग की पहचान करना। तीसरा: प्रबंधन की समग्रता और निरंतरता को सुनिश्चित करना। उन्होंने कहा कि सिकल सेल एनीमिया को जड़ से समाप्त करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार एक साथ चार मोर्चों पर काम कर रही है। यह सराहनीय है।

समय पर जांच और इलाज
राष्ट्रपति ने कहा- 1.25 करोड़ लोगों के स्क्रीनिंग की लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ है। सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता, समय पर जांच और इलाज को बढ़ावा देने पर जोर दिया। लोगों को स्वास्थ्य के बारे में जागरुक करना है। सिकल सेल एनिमिया में प्रदेश सरकार ने उपलब्धि हासिल किया है। 2023 में राष्ट्र मिशन में जो लक्ष्य देश के सामने रखे थे, उसमें स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ है।
कॉउंसलिंग कार्ड भी दिया गया
मुर्मू ने कहा कि ज्यादातर को लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी दिया गया है। सिकल सेल से जुड़े चुनौती को भारत सरकार ने बहुत ही गंभीरता से लिया है। पिछले कुछ वर्षों से समग्र रूप से जो प्रयास किए है, वो सराहनीय है। तीन वर्ष पहले पीएम मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से एनिमिया सिकल सेल मिशन को लॉन्च किया था।
चुनौती से सामाजिक आचरण में बदलाव
मुझे बताया गया कि केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय और केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय के संयुक्त मॉडल के रूप में देश में पहली बार ऐसा मिशन पूरा किया गया। केवल स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के रूप में नहीं देखा जाता है। इसे जनजातीय स्वास्थय का मुद्दा, अनुवांशिका से जुड़े जागरुकता और प्रिवेंटिव हेल्थ कैयर की चुनौती से सामाजिक आचरण में बदलाव के रूप में भी देखा गया है।
सीएम बोले- 1.60 करोड़ स्क्रीनिंग का लक्ष्य
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में मध्य प्रदेश में 1 करोड़ 32 लाख लोगों की सिकल सेल जांच (स्क्रीनिंग) की जा चुकी है। 2027 से पहले 1 करोड़ 60 लाख स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 32 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने मंगुभाई के साथ मिलकर सिकल सेल एनीमिया से लड़ाई के लिए अभियान चलाया था। मध्यप्रदेश सरकार भी इस दिशा में प्रयासों को लगातार गति दे रही है।
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